bangladesh army chinese 59 tank model blast chattogram

एक नजर में पूरी खबर: बांग्लादेश के चट्टोग्राम में बुधवार, 9 सितंबर को सेना के फायरिंग अभ्यास के दौरान एक टैंक में अचानक धमाका हो गया। हादसा हथाजारी फील्ड फायरिंग रेंज में हुआ, जिसमें टैंक के अंदर मौजूद 2 सैनिकों की मौके पर ही मौत हो गई और एक अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अधिकारी को हेलिकॉप्टर से ढाका के कंबाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल (CMH) भेजा गया। मीडिया रिपोर्ट्स और वायरल वीडियो के आधार पर बताया जा रहा है कि यह चीन में बना Type 59 टैंक था, हालांकि बांग्लादेश सेना ने अभी टैंक के मॉडल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

कब और कहां हुआ हादसा bangladesh army tank blast, chattogram tank blast, type 59 tank explosion, बांग्लादेश टैंक ब्लास्ट

यह हादसा बुधवार को चट्टोग्राम के हथाजारी फील्ड फायरिंग रेंज में हुआ। यहां बांग्लादेश आर्मी की एक यूनिट फील्ड फायरिंग अभ्यास कर रही थी। बताया जा रहा है कि टैंक से फायरिंग की जा ही रही थी कि अचानक जोरदार धमाका हुआ और टैंक धुएं में घिर गया।

ISPR का बयान — सेना ने क्या कहा

बांग्लादेश के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस डायरेक्टरेट (ISPR) ने इस हादसे की पुष्टि की है। ISPR के मुताबिक, फायरिंग अभ्यास के दौरान हुए इस हादसे में टैंक के भीतर मौजूद 2 सैनिकों की मौत हो गई, जबकि एक अधिकारी को गंभीर चोटें आईं। घायल अधिकारी की हालत को देखते हुए उसे तुरंत हेलिकॉप्टर से ढाका के कंबाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल भेजा गया ताकि बेहतर इलाज मिल सके। सेना का कहना है कि हादसे की असली वजह पता लगाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, यानी जांच शुरू कर दी गई है।

कौन सा टैंक था शामिल

सोशल मीडिया पर हादसे का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें टैंक से अचानक धमाका होते और एक जवान हवा में उछलते हुए दिख रहा है। इसी वीडियो और कई मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर माना जा रहा है कि यह चीन में बना Type 59 टैंक था। ध्यान देने वाली बात यह है कि बांग्लादेश सेना ने अभी तक आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया कि हादसे में शामिल टैंक कौन सा मॉडल था — यह जानकारी अभी सिर्फ मीडिया और वीडियो फुटेज के आधार पर है।

Type 59 काफी पुराने डिजाइन का टैंक है। यह सोवियत T-54A टैंक पर आधारित है और चीन में 1958 से 1985 के बीच बनाया जाता था। बांग्लादेश सेना दशकों से इन टैंकों का इस्तेमाल कर रही है और इन्हें पूरी तरह रिटायर करने की बजाय अपग्रेड करके चलाती आई है। इसी वजह से हादसे के बाद पुराने चीनी टैंकों की मेंटेनेंस और सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

धमाके की वजह अभी साफ नहीं

अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि धमाका गोला-बारूद में गड़बड़ी से हुआ, तकनीकी खराबी से हुआ या किसी और वजह से। बांग्लादेश सेना का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही असली वजह सामने आएगी। यह भी साफ नहीं है कि हादसे के बाद हथाजारी रेंज में फायरिंग अभ्यास रोका गया या नहीं।

आगे क्या

यह हादसा बांग्लादेश आर्मी के पास मौजूद पुराने चीनी हथियारों की हालत पर नई बहस छेड़ सकता है। जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा कि गलती उपकरण की थी, गोला-बारूद की या किसी और वजह की। जैसे ही ISPR या बांग्लादेश सेना की तरफ से कोई नई आधिकारिक जानकारी आती है, स्थिति साफ होगी।

Comments